भारी घाटे और कर्ज में डूबी देश की एकमात्र सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया को लंबी जद्दोजहद के बाद खरीदार तो मिल गया, लेकिन पिछले 10 साल में इस विमानन कंपनी ने करदाताओं के 1,57,339 करोड़ रुपये हवा में उड़ा दिए।
एयर इंडिया: 10 साल में डुबाए 1.57 लाख करोड़ रुपये, टाटा समूह को सौंपे जाने तक सरकार को खर्च करनी होगी मोटी रकम
byHector Manuel
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