प्रवीण कुमार की कहानी है तो पूरी तरह फिल्मी, लेकिन इसका एक-एक पन्ना सच्चाई की कड़वी हकीकत से भरा है। बीते दो सालों में जो कुछ प्रवीण ने झेला उससे उनके पैरालंपिक के रजत का मान और ज्यादा बढ़ जाता है।
पैरालंपिक: एथलेटिक्स छोड़ गांव में खेती करने जा रहे थे प्रवीण, अब जीता रजत पदक
byHector Manuel
-
0