दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में इलाज मिल पाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। तमाम तकनीकी और प्रयोगों के बाद भी मरीजों को सरकारी चिकित्सीय सेवाओं में सहूलियत नहीं मिल पा रही है।
सोशल मीडिया से मदद: तीन दिन तक स्ट्रेचर पर लेटी रही तेजाब पीड़िता, रक्षा बंधन पर डॉक्टर बने मसीहा
byHector Manuel
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