डॉ. मोहन भागवत ने कहा, जब मेरे पास यह पुस्तक आई थी तो मैंने सरसरी निगाह डालकर ही बोल दिया था कि इसका विमोचन मैं करूंगा, क्योंकि इस किताब में सत्य है।
इंसानियत को जिंदा रखने की फिक्र: भागवत ने कहा- कल लोग मुझे भोला कहेंगे तो अहमद बोले, मुझे संघी कहकर तंज कसेंगे
byHector Manuel
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