भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एनवी रमण ने बुधवार को कहा कि न्यायपालिका को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, विधायिका या कार्यपालिका द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता है, वरना ‘कानून का शासन’ भ्रामक हो जाएगा।
सीजेआई बोले: न्यायपालिका को नियंत्रित नहीं किया जा सकता नहीं तो ‘कानून का शासन’ भ्रामक हो जाएगा
byHector Manuel
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