संकट के समय जो काम आए वही सच्चा मित्र है। यह एक कहावत है। लेकिन आज के संदर्भ में हम देखें तो इसमें एक बात और जुड़ जाती है कि संकट के समय जो काम आए वह मित्र तो है ही, सिपाही भी है।
संकट के सिपाही : दूसरों के लिए अपनी तकलीफ भूल सेवा में जुटे कोरोना योद्धा
byHector Manuel
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