साहित्यकार डॉ. नरेंद्र कोहली के उपन्यास दीक्षा के साथ ही हिंदी साहित्य में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का युग शुरू हुआ, जिसे हिंदी साहित्य में नरेंद्र कोहली युग का नाम देने की चर्चा जोर पकड़ रही है।
नहीं रहे नरेंद्र कोहली : उपन्यास ‘दीक्षा’ से शुरू हुआ सांस्कृतिक पुनर्जागरण युग
byHector Manuel
-
0