सूर्यसेन के संघर्ष की बानगी पढ़कर ही रूह कांप उठती है। फांसी के ऐन वक्त पहले उनके हाथों के नाखून उखाड़ लिए गए। उनके दांतों को तोड़ दिया गया, ताकि अपनी अंतिम सांस तक वे वंदेमातरम का उदघोष न कर सकें।
क्रांतिकारी सूर्यसेन: अंग्रेजों ने नाखून उखाड़े, दांत तोड़े ताकि मरते वक्त न बोल सकें वंदेमातरम
byHector Manuel
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